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पोरबंदर में कीर्ति मंदिर का आँगन, महात्मा गांधी के जन्मस्थान का स्मारक

पोरबंदर

पश्चिमी तट पर गांधी की जन्मभूमि

सौराष्ट्र के पश्चिमी तट पर बसा पोरबंदर दुनिया भर में मोहनदास करमचंद गांधी के जन्मस्थान के रूप में जाना जाता है, जिनका जन्म यहाँ 2 अक्टूबर 1869 को हुआ। हिंदू परंपरा में यह सुदामापुरी भी है — कृष्ण के बाल-सखा सुदामा का घर।

यह तटीय सड़क पर सोमनाथ और द्वारका के लगभग बीच में पड़ता है, और ज़्यादातर यात्री इसी तरह यहाँ पहुँचते हैं: मंदिर सर्किट पर दो-एक घंटे के ठहराव के रूप में, न कि अपने आप में एक मंज़िल के रूप में।

पोरबंदर में क्या देखें और करें

कीर्ति मंदिर देखिए

गांधी और कस्तूरबा का यह स्मारक उस तीन मंज़िला पैतृक घर के बग़ल में है जहाँ उनका जन्म हुआ; कमरे में फ़र्श पर वह जगह चिह्नित है। तस्वीरों और निजी वस्तुओं की एक छोटी प्रदर्शनी भी है। प्रवेश निःशुल्क है।

सुदामा मंदिर देखिए

सुदामा को समर्पित गिने-चुने मंदिरों में से एक, शहर के बीच में, जिसके आँगन में एक भूलभुलैया बनी है जिस पर तीर्थयात्री चलते हैं।

समुद्र किनारे टहलिए

चौपाटी और पूर्व शासक के हुज़ूर पैलेस के सामने का हिस्सा शाम को सुहाना रहता है।

पक्षी देखिए

शहर की खाड़ियाँ और एक छोटा पक्षी अभयारण्य सर्दियों में राजहंस (फ़्लेमिंगो) और दूसरे जलपक्षियों को खींचते हैं।

पोरबंदर कैसे पहुँचें

  • पोरबंदर सड़क से सोमनाथ से क़रीब 130 किमी और सासण गिर से लगभग 150–160 किमी है, यानी क़रीब तीन घंटे। द्वारका तट के साथ लगभग 100 किमी और आगे है।
  • शहर में रेलवे स्टेशन है जहाँ से राजकोट और अहमदाबाद की ओर गाड़ियाँ चलती हैं, और एक छोटा हवाई अड्डा, जिसकी उड़ानें सीमित हैं और मौसम के साथ बदलती हैं।

काम की सलाह

  • कीर्ति मंदिर आम तौर पर शाम को बंद हो जाता है; दोपहर ढलने से पहले पहुँचने की कोशिश कीजिए।
  • स्मारक और मंदिर दोनों जगह जूते उतारने होते हैं।
  • सोमनाथ–द्वारका की ड्राइव एक साँस में करने के बजाय यहाँ दोपहर के खाने के लिए रुकिए।

पोरबंदर के सबसे अच्छे टूर

परिवहन और गाइड की व्यवस्था के साथ पोरबंदर देखने का सबसे आसान तरीक़ा ये पैकेज हैं:

द्वारका के द्वारकाधीश मंदिर का नक़्क़ाशीदार शिखर कई दिनों का गाइडेड टूर शुरुआती US$782
🕒 6 दिन 📍 कहाँ से अहमदाबाद

गुजरात के पवित्र स्थल और वन्यजीव टूर

सौराष्ट्र के इर्द-गिर्द छह दिन, जिनमें द्वारका, पोरबंदर में गांधी का जन्मस्थान, सोमनाथ और गिर शामिल हैं, और दोनों सिरों पर अहमदाबाद। अतिरिक्त दिनों से ड्राइव कहीं ज़्यादा आरामदेह हो जाती है। अब तक कोई समीक्षा नहीं।

  • द्वारका, पोरबंदर, सोमनाथ और गिर राष्ट्रीय उद्यान
  • शुरुआत या अंत में अहमदाबाद के प्रमुख स्थल
  • चार दिन वाले चक्कर से ज़्यादा इत्मीनान की रफ़्तार
गिर राष्ट्रीय उद्यान में एक नर एशियाई शेर का नज़दीकी चित्र कई दिनों का गाइडेड टूर शुरुआती US$995
🕒 7 दिन 📍 कहाँ से अहमदाबाद ⭐ 5.0 (1)

अहमदाबाद से 7 दिन का गुजरात हाइलाइट्स टूर

अहमदाबाद से गुजरात का हफ़्ते भर का दौरा, जो गिर को मंदिरों, तट और स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी के बड़े सर्किट में समेट लेता है। अब तक इसकी एक ही समीक्षा है, और वह पूरे अंकों वाली।

  • स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी, पवित्र मंदिर और गिर के वन्यजीव
  • गुजरात के तटीय क़स्बे और ऐतिहासिक शहर
  • पूरा हफ़्ता, सारी व्यवस्था के साथ
द्वारका में गोमती पर बना सुदामा सेतु पैदल पुल निजी डे ट्रिप शुरुआती US$228
🕒 10 घंटे 📍 कहाँ से राजकोट

राजकोट से: गाइड के साथ द्वारका की निजी डे ट्रिप

गाइड के साथ राजकोट से कृष्ण की नगरी तक जाने-आने का लंबा निजी दिन। दिन का ज़्यादातर हिस्सा सड़क पर बीतता है, इसलिए समय हो तो रात रुकने वाला टूर ज़्यादा आरामदेह है। अभी कोई समीक्षा नहीं।

  • द्वारकाधीश मंदिर
  • मंदिर-नगरी के लिए गाइड
  • राजकोट से निजी कार
लाइव उपलब्धता

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सुबह शेर, शाम को सोमनाथ, और उसी हफ़्ते गिरनार और दीव

गिर की सफ़ारी के साथ अरब सागर किनारे का मंदिर, नवाबों का पुराना शहर जूनागढ़ और दीव के समुद्र-तट जोड़िए। गाइडेड टूर की तुलना कीजिए और चंद टैप में बुक कीजिए।

जानने लायक़

पोरबंदर: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पोरबंदर में कितना समय चाहिए?

दो से तीन घंटे में कीर्ति मंदिर, सुदामा मंदिर और समुद्र किनारे की एक झलक हो जाती है।

क्या पोरबंदर गिर से एक दिन की यात्रा है?

यह लंबी पड़ती है — जाने-आने में क़रीब छह घंटे की ड्राइव। द्वारका आते या जाते हुए यह ज़्यादा ठीक बैठता है।

क्या कीर्ति मंदिर में प्रवेश शुल्क है?

नहीं, प्रवेश निःशुल्क है।